ओम निश्चल के गीत
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
1958 | प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश
सुपरिचित कवि-आलोचक-भाषाविद्। कई पुस्तकों से बतौर संपादक भी संबद्ध।
सुपरिचित कवि-आलोचक-भाषाविद्। कई पुस्तकों से बतौर संपादक भी संबद्ध।
हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली
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