Font by Mehr Nastaliq Web
noImage

Narsinh Mehta

1414 - 1488 | گجرات

کی

यदि आत्म-तत्त्व को नहीं पहचाना तो सारी साधना व्यर्थ है।

Recitation

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

रजिस्टर कीजिए