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नन्नय्य भट्ट

नन्नय्य भट्ट के उद्धरण

निर्मल यश ही नित्य धन है।

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सभी पुण्य तीर्थों का पर्यटन करना, सभी व्रत-पूजा करना, और सभी दान-धर्म के पुण्य कार्य प्राणदान से समानता नहीं रख सकते हैं। प्राणदान से बढ़कर पुण्यकार्य और कोई भी नहीं है।

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हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

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