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मनोज कुमार पांडेय

1977 | इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश

सुपरिचित कथाकार-कवि। चार पुस्तकें प्रकाशित।

सुपरिचित कथाकार-कवि। चार पुस्तकें प्रकाशित।

मनोज कुमार पांडेय के बेला

07 अप्रैल 2025

उसी के पास जाओ जिसके कुत्ते हैं

उसी के पास जाओ जिसके कुत्ते हैं

मुझे पता भी नहीं चला कि कब ये कुत्ते मेरे पीछे लग गए। जब पता चला तो मैं पसीने-पसीने हो गया। मैंने कहीं पढ़ा था कि अगर कुत्ते पीछे पड़ ही जाएँ तो एकदम से भागना ख़तरनाक होता है। आप कुत्तों से तेज़ कभी नह

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