कृष्णानन्द कृष्ण की ग़ज़लें
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
1947 - 2020 | चाँदी, भोजपुर, बिहार
भोजपुरी के समादृत कवि-कथाकार, आलोचक आ संपादक। हिंदी में समान रूप से सक्रियता।
भोजपुरी के समादृत कवि-कथाकार, आलोचक आ संपादक। हिंदी में समान रूप से सक्रियता।
हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली
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