Font by Mehr Nastaliq Web
noImage

Kriparam

تمام تمام

10

अरुन नयन खंडित अधर, खुले केस अलसाति।

देखि परी पति पास तें, आवति बधू लजाति॥

  • New Home Share this Hindwi

ऐसी आजु कहा भई, मो गति पलटे हाल।

जंघ जुगल थहरत चलत, डरति बिसूरति बाल॥

  • New Home Share this Hindwi

सुरत करत पाइल बजै, लजै लजीली भूरि।

ननद जिठानी की सखी, हाँसी हिए बिसूरि॥

  • New Home Share this Hindwi

एक ब्रह्ममय सब जगत, ऐसे कहत जु बेद।

कौन देत को लेत सखि, रति सुख समुझि अभेद॥

  • New Home Share this Hindwi

कछु जोबन आभास तें, बढ़ी बधू दुति अंग।

ईंगुर छीर परात में, परत होत जो रंग॥

  • New Home Share this Hindwi

Recitation

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

रजिस्टर कीजिए