जगन्नाथ की ग़ज़लें
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
1934 - 2020 | कुकुढ़ा, बक्सर, बिहार
भोजपुरी गजल आ गीत का क्षेत्र के सम्मानित रचनाकार। कहानी, निबंध आ एकांकी के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण लेखन। चर्चित त्रैमासिक पत्रिका ‘कविता’ के संपादन।
भोजपुरी गजल आ गीत का क्षेत्र के सम्मानित रचनाकार। कहानी, निबंध आ एकांकी के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण लेखन। चर्चित त्रैमासिक पत्रिका ‘कविता’ के संपादन।
हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली
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