Font by Mehr Nastaliq Web
J. Krishnamuurti's Photo'

जे. कृष्णमूर्ति

1895 - 1986 | आँध्र प्रदेश

समादृत भारतीय दार्शनिक, अध्यात्मिक मार्गदर्शक और लेखक। 'फ्रीडम फ्रॉम दि नोन', 'कमेन्टरीज़ ऑन लिविंग' आदि कृतियों के लिए उल्लेखनीय।

समादृत भारतीय दार्शनिक, अध्यात्मिक मार्गदर्शक और लेखक। 'फ्रीडम फ्रॉम दि नोन', 'कमेन्टरीज़ ऑन लिविंग' आदि कृतियों के लिए उल्लेखनीय।

जे. कृष्णमूर्ति की संपूर्ण रचनाएँ

उद्धरण 146

स्वतंत्रता का अर्थ यह नहीं है कि चाहो सो करो, बल्कि इसका अर्थ है मुक्त हो जाना—जीवन के समस्त संघर्षों से, हमारी समस्याओं से, हमारी चिंताओं से, हमारे भय से, हमारे मनोवैज्ञानिक घावों से तथा उन समस्त द्वंद्वों से, जिन्हें हम हज़ारों वर्षों से सहन करते आए हैं।

  • शेयर

ईश्वर बहुत मुनाफ़े का धंधा है।

  • शेयर

जब आप समग्र रूप से सावधान होते हैं, तो वहाँ कोई 'स्व' नहीं हो सकता।

  • शेयर

जब समग्र मुक्ति घटित होती है, तब आपके पास देवी-देवता और कर्मकांड नहीं होता—आप एक मुक्त पुरुष होते हैं।

  • शेयर

मानवता भय के साथ जीती आई है, वह भय का समाधान कभी नहीं कर पाई, कभी नहीं।

  • शेयर

Recitation

Jashn-e-Rekhta 10th Edition | 5-6-7 December Get Tickets Here

रजिस्टर कीजिए