गौरव गुप्ता की कविताएँ
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
1993 | पूर्वी चंपारण, बिहार
नई पीढ़ी के कवि-लेखक और अनुवादक।
नई पीढ़ी के कवि-लेखक और अनुवादक।
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