बिहारिनिदेव के पद
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
1504 - 1602 | दिल्ली
रसिक और संगीत प्रेमी भक्त कवि। 'हरिदासी संप्रदाय' से संबद्ध।
रसिक और संगीत प्रेमी भक्त कवि। 'हरिदासी संप्रदाय' से संबद्ध।