Font by Mehr Nastaliq Web
Ayodhya Singh Upadhyay 'Harioudh''s Photo'

अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध'

1865 - 1947 | आज़मगढ़, उत्तर प्रदेश

कवि और गद्यकार। खड़ी बोली हिंदी के प्रथम महाकाव्य 'प्रिय प्रवास' के रचनाकार।

कवि और गद्यकार। खड़ी बोली हिंदी के प्रथम महाकाव्य 'प्रिय प्रवास' के रचनाकार।

अयोध्या सिंह उपाध्याय 'हरिऔध' की संपूर्ण रचनाएँ

कविता 8

उद्धरण 2

आशा मेरे हृदय मरु की मंजु मंदाकिनी है।

  • शेयर

भावों ही से अवनि-तल है स्वर्ग के तुल्य होता।

  • शेयर
 

पुस्तकें 7

 

Recitation

Jashn-e-Rekhta 10th Edition | 5-6-7 December Get Tickets Here

रजिस्टर कीजिए