दिल्ली में रहने वाली लेखिका अणु शक्ति सिंह मूलतः बिहार के सहरसा ज़िले की रहने वाली हैं। एक्टिव फेमिनिस्ट राइट्स एक्टिविस्ट अणु शक्ति सिंह के अब तक दो उपन्यास ‘शर्मिष्ठा’ और ‘स्टापू’ प्रकाशित हुए हैं। ब्रॉडकास्ट मीडिया और कम्युनिकेशन प्रफ़ेशनल के तौर पर काम करते हुए उन्हें बीबीसी, सुलभ इंटरनेशनल, रेडियो नीदरलैंड्स और ज़ी मीडिया के साथ काम करने का भी अनुभव है। 2019 में कविता के लिए बिहार के प्रतिष्ठित युवा पुरस्कार, विद्यापति पुरस्कार और 2021 में अपने पहले उपन्यास ‘शर्मिष्ठा’ के लिए उन्हें अमर उजाला शब्द सम्मान ‘थाप’ से सम्मानित किया गया।