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अमितेश कुमार

1987 | मोतिहारी, बिहार

नई पीढ़ी के लेखक और रंग-आलोचक। 'वैकल्पिक विन्यास' चर्चित पुस्तक।

नई पीढ़ी के लेखक और रंग-आलोचक। 'वैकल्पिक विन्यास' चर्चित पुस्तक।

अमितेश कुमार के बेला

10 अगस्त 2026

‘दिल चाहता है’ के पच्चीस साल

‘दिल चाहता है’ के पच्चीस साल

तीन दोस्त हैं। एक को हर दूसरी लड़की से प्यार हो जाता है, लेकिन अंततः शादी किसी और से कर रहा है। एक को अपने से बड़ी उम्र की औरत से प्यार हो जाता है और तीसरे के लिए प्यार एक बेकार की चीज़ है। तीनों का

15 जून 2026

हम ‘लगान’ देख रहे थे

हम ‘लगान’ देख रहे थे

साल 2001, जून का महीना। तारीख़ याद नहीं... गूगल बता सकता है, लेकिन क्या पूछना... मैं  नया-ताज़ा पटना पहुँचा था, दूसरी बार—इस बार स्थायी रूप से रहने के लिए, क्योंकि मैं आयरन गेट तोड़ चुका था... जी

09 जुलाई 2024

कविता में नाटकीयता की खोज

कविता में नाटकीयता की खोज

नाटक केवल शब्दों नहीं, अभिनेता की भंगिमाओं, कार्य-व्यापार और दृश्यबंध की संरचना के सहारे हमारे मानस में बिंबों को उत्तेजित कर हमारी कल्पना की सीमा को विस्तृत कर देते हैं और रस का आस्वाद कराते हैं। जि

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हिन्दवी उत्सव 2026

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