संपूर्ण
परिचय
कविता53
गीत2
ई-पुस्तक13
ऑडियो 4
वीडियो3
संस्मरण2
बेला1
कहानी5
आत्मकथ्य1
आलोचनात्मक लेखन3
उद्धरण40
अज्ञेय के आत्मकथ्य
मैं क्यों लिखता हूँ?
मैं क्यों लिखता हूँ? यह प्रश्न बड़ा सरल जान पड़ता है पर बड़ा कठिन भी है। क्योंकि इसका सच्चा उत्तर लेखक के आंतरिक जीवन के स्तरों से संबंध रखता है। उन सबको संक्षेप में कुछ वाक्यों में बाँध देना आसान तो नहीं ही है, न जाने संभव भी है या नहीं? इतना ही किया
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere