अब्दुर्रहमान 'प्रेमी' के कवित्त
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
1681 - 1741 | दिल्ली
रीतिकालीन नखशिख परंपरा के कवि।
रीतिकालीन नखशिख परंपरा के कवि।
हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली
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