अब्दुल रहीम चंदा की कविताएँ
aaj ik aur baras biit gayā us ke baġhair
jis ke hote hue hote the zamāne mere
1978 | जबलपुर, मध्य प्रदेश
नई पीढ़ी की कवि। ट्रांस-स्त्री-अस्मिता से संबद्ध।
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