Font by Mehr Nastaliq Web
Rousseau's Photo'

Rousseau

1712 - 1778

تمام تمام

3

अंतःकरण आत्मा की आवाज़ है, मनोवेग शरीर की आवाज़ हैं।

  • New Home Share this Hindwi

यथार्थता के जगत की अपनी सीमाएँ हैं; कल्पना का जगत असीम है। हम एक को बढ़ा नहीं सकते अतः हमें दूसरे को छोटा करना चाहिए, क्योंकि उनके अंतर से ही वे बुराइयाँ उत्पन्न होती हैं जो हमें दुखी कर देती हैं।

  • New Home Share this Hindwi

बचपन विवेक की निद्रा है।

  • New Home Share this Hindwi
 

Recitation