पल्लवी विनोद के बेला
कहानी : मसअला फूल का है
भूख देखी है आपने? भूख वह भी किसी की आँखों में! भूख भरी आँखों को देख या तो सिहरन होती है या विस्मय... इस भूख को तृप्ति कैसे मिलेगी? यह जानने के प्रयास में, मैं उसके पीछे चली गई। पहले मुझे उस भूख की आख
1980 | हुगली, पश्चिम बंगाल
सुपरिचित कवयित्री।
सुपरिचित कवयित्री।
हिन्दवी उत्सव 2026
रजिस्टर कीजिए