Font by Mehr Nastaliq Web
noImage

लाला लाजपत राय

1865 - 1928 | पंजाब

लाला लाजपत राय की संपूर्ण रचनाएँ

उद्धरण 4

गरिमापूर्ण मृत्यु के लिए मनुष्य को पहले गरिमापूर्ण ढंग से जीना सीखना चाहिए। वही मृत्यु भव्य है जो भली प्रकार जिए गए जीवन अर्थात् सिद्धांतों के लिए, मातृभूमि के लिए और मानवता के लिए जिए गए जीवन के प्रासाद का शिखर बनती है।

  • शेयर

किसी भी धर्म-मत को आदर्श निर्दोष बनने के लिए मानव-स्वभाव के उन सभी पक्षों के सामंजस्यपूर्ण विकास की पर्याप्त व्यवस्था करनी चाहिए, जो उसके भौतिक जीवन के आधार का निर्माण करते हैं, सामाजिक पक्ष की उपेक्षा तो वह कर ही नहीं सकता।

  • शेयर

धर्म चिंतन मात्र नहीं है, अपितु चिंतन और आचरण है।

  • शेयर

युद्ध बर्बरता है और सैन्यवाद व्यावहारिक उपयोग में लाई गई बर्बरता है।

  • शेयर

पुस्तकें 1

 

Recitation

Jashn-e-Rekhta 10th Edition | 5-6-7 December Get Tickets Here

रजिस्टर कीजिए