जॉन ग्रे की संपूर्ण रचनाएँ
उद्धरण 168
प्यार की शुरुआत बसंत की तरह होती है। हमें ऐसा महसूस होता है कि हम हमेशा सुखी रहेंगे। हम अपने पार्टनर से बेइंतहा प्यार करते हैं और कल्पना भी नहीं कर सकते कि कभी ऐसा दिन भी आएगा, जब हम उससे प्यार नहीं करेंगे। यह मासूमियत का समय है। प्रेम अमर लगता है। यह जादुई समय होता है, जब हर चीज़ आदर्श दिखती है और बिना प्रयास के अच्छी तरह काम करती है। हमारा पार्टनर हमें आदर्श नज़र आता है। हम बिना प्रयास के एक लय में रहते हैं और अपनी ख़ुशक़िस्मती पर आनंदित होते हैं।