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एल्बर्ट हबर्ड

1856 - 1915

एल्बर्ट हबर्ड के उद्धरण

कम से कम पाँच मिनट के लिए तो प्रत्येक व्यक्ति प्रति-दिन मूर्ख बनता ही है। हमारी बुद्धिमानी इसी में है कि पाँच मिनट की अवधि को बढ़ने दें।

प्रतिभा केवल सतत प्रयास करने की शक्ति है।

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हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

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