Font by Mehr Nastaliq Web
noImage

swroopdas

تمام تمام

2

प्रात अस्त लों ना रहे, जयद्रथ वा मम प्रान।

दोउ रहै तो होहु भल, मोकों नरक निदान॥

  • New Home Share this Hindwi

शरण युधिष्ठिर कृष्ण की, अथवा भजि नहिं जाय।

जो इंद्रादि सहाय तोहूँ, पितॄन दैहूँ मिलाय॥

  • New Home Share this Hindwi
 

3

 

3

 

Recitation

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

रजिस्टर कीजिए