Font by Mehr Nastaliq Web
noImage

roopsaras

تمام تمام

6

गलबहियाँ कब देखिहौं, इन नयमन सियराम।

कोटि चन्द्र छबि जगमगी, लज्जित कोटिन काम॥

  • New Home Share this Hindwi

हँस बीरी रघुबर लई, सिय मुख पंकज दीन।

सिया लीन कर कंज में, प्रीतम मुख धरि दीन॥

  • New Home Share this Hindwi

हे सीते नृप नंदिनी, हे प्रीतम चितचोर।

नवल बधू की वीटिका, लीजे नवल किशोर॥

  • New Home Share this Hindwi

रघुबर प्यारी लाड़ली, लाड़लि प्यारे राम।

कनक भवन की कुंज में, बिहरत है सुखधाम॥

  • New Home Share this Hindwi

रंग रंगीली लाड़ली, रंग रंगीलो लाल।

रंग रंगीली अलिन में, कब देखौं सियलाल॥

  • New Home Share this Hindwi

Recitation

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

रजिस्टर कीजिए