Font by Mehr Nastaliq Web
noImage

Prithviraj Rathor

1549 - 1600 | بیکانیر, راجستھان

تمام تمام

1

माई एहड़ा पूत जण, जेहड़ा राण प्रताप।

अकबर सूतो ओझकै, जाण सिराणै साँप॥

हे माता ऐसे पुत्रों को जन्म दे, जैसा राणा प्रताप है। जिसको अकबर सिरहाने का साँप समझ कर सोता हुआ चौंक पडता है।

  • New Home Share this Hindwi
 

3

 

7

"راجستھان" کے مزید poets

 

Recitation

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

रजिस्टर कीजिए