काश! मैं फिर से वह लड़की हो सकती—कुछ जंगली और खुरदरी, कठोर और आज़ाद।
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वह कभी नहीं जान पाएगा कि मैं उससे प्रेम करती हूँ : और यह भी कि ऐसा उसकी ख़ूबसूरती के चलते नहीं है, बल्कि वह मुझसे भी बढ़कर मेरा हिस्सा है। हम दोनों की आत्माएँ जिस भी चीज़ की बनी हों, वे एक हैं।
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बुरे लोगों को सज़ा देना ईश्वर का काम है, हमें माफ़ करना सीखना चाहिए।
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मुझे ख़ुद को साँस लेने के लिए याद दिलाना पड़ता है—दिल को भी धड़कने के लिए याद दिलाती हूँ।
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