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Dharnidas

1656 | بہار

کی

जाहि परो दुख आपनो, सो जानै पर पीर।

धरनी कहत सुन्यो नहीं, बाँझ की छाती छीर॥

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हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

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