Font by Mehr Nastaliq Web
noImage

Narpati Nalha

تمام تمام

4

 

4

 

4

हे स्वामी! तुमने घी का व्यापार तो किया, किंतु खाया तेल ही है।

  • New Home Share this Hindwi

हे स्वामी! प्रवास के लिए कौन कहता है? वह जिसके घर में स्त्री नहीं होती या जिसके घर में कुल्हड़ में नमक तक नहीं होता, या जिसके घर में अकुलीन स्त्री कलह करती है, या जिसको ऋण से दबा होने से घर नहीं सुहाता, या जो योगी होकर घर से निकल पड़ता है, या जो अपना सा मुँह लेकर अलग (प्रवास) को जाता है।

  • New Home Share this Hindwi

पुरुष के समान निर्गुणी संसार में अन्य नहीं होता।

  • New Home Share this Hindwi

अर्थ और द्रव्य तो धरती में गड़ा रह जाता है, जो इसका संचय करता है, यह उसी को खाता है।

  • New Home Share this Hindwi

Recitation

हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

रजिस्टर कीजिए