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Mahapatra Narhari Bandijan

1535 - 1610 | فتح پور, اتر پردیش

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नरहरि जप तप नेम व्रत सबु सबही ते होइ।

प्रीति निबाहन एक रस, नहिं समरथ कलि कोइ॥

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हिन्दवी उत्सव, 27 जुलाई 2025, सीरी फ़ोर्ट ऑडिटोरियम, नई दिल्ली

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